श्री मिथिलेश ठाकुर गढ़वा प्रखंड की विभिन्न पूजा पंडाल में जा कर पूजा अर्चना की
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पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश ठाकुर गढ़वा पखंड के विभिन्न गांवों पंचायतों ।की पूजा पंडाल में जा कर पूजा अर्चना की
एवं गांव में सुख शांति बनी रहे एवं उन्होंने ने दुर्गा मां से प्रार्थना की हर हृदय में सद्भावना, शक्ति और नई ऊर्जा का संचार हो तथा समाज में न्याय, शांति और आपसी भाईचारा सुदृढ़ बने।
जगत जननी मां दुर्गा
का दिव्य आशीर्वाद सबको जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता प्रदान करे, यही मंगलकामना है।
शक्ति की आराधना
नवरात्र का सबसे बड़ा महत्व शक्ति की पूजा से जुड़ा है। देवी दुर्गा को सृजन, पालन और संहार की मूल शक्ति माना गया है। नौ दिनों तक उनके नौ स्वरूपों- शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। हर रूप हमें अलग-अलग संदेश देता है, जैसे धैर्य, साहस, भक्ति और ज्ञान। नवरात्र की साधना केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाती है कि सृष्टि की हर रचना स्त्री शक्ति से जुड़ी है और उसका सम्मान जीवन के संतुलन के लिए जरूरी है।
अच्छाई की बुराई पर जीत
नवरात्र का संबंध उस अनंत संदेश से भी है, जिसमें अच्छाई की हमेशा जीत होती है। सबसे प्रसिद्ध कथा है मां दुर्गा और महिषासुर की। महिषासुर को वरदान मिला था कि उसे कोई पुरुष या देवता नहीं मार सकता, लेकिन जब उसका अत्याचार बढ़ गया, तब देवताओं ने मिलकर देवी दुर्गा की रचना की। देवी ने नौ रातों तक युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध किया। यही विजयादशमी का दिन है। उत्तर भारत में नवरात्र का संबंध भगवान राम की रावण पर जीत से भी जुड़ा है। इस दौरान रामलीला का मंचन होता है और दशहरे पर रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले दहन कर दिए जाते हैं, जो अहंकार और अन्याय के अंत का प्रतीक हैं।