गढ़वा में विजयदशमी धूमधाम से संपन्न हुआ।

गढ़वा में  विजयदशमी धूमधाम से संपन्न हुआ।

गढ़वा में धूमधाम से संपन्न हुआ विजयदशमी । गढ़वा के आसपास की गांव ग्राम पंचायत में आज मां दुर्गा के प्रतिमा को विसर्जन किया गया।

 हालांकि विसर्जन जुलूस में मौसम खराब होने की वजह से बूंदाबांदी बारिश हुई। इसके बावजूद माता रानी के तमाम भक्त रिमझिम बारिश की बीच नाचते झूमते हुए। विसर्जन स्थल तक गए

और दुर्गा मां के प्रतिमा को विसर्जन कर शांतिपूर्ण तरीके से वापस लौटे। हालांकि सुरक्षा की दृष्टि से जिला प्रशासन ने हर जुलूस में किसी तरह का अप्रिय घटना ना हो इसके लिए जुलूस में पुलिस बल भी शामिल हुए थे।

दशहरा की मान्यता और कहानी

दशहरा को विजयदशमी के रूप में मनाया जाता है. यह दिन रावण पर भगवान राम की जीत और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. कथा के अनुसार, रावण ने देवी सीता को बंधक बना लिया था. युद्ध से पहले भगवान राम ने देवी दुर्गा की पूजा की और आशीर्वाद प्राप्त किया. रावण के खिलाफ युद्ध दस दिनों तक चला और दसवें दिन रावण को वध हुआ. इस दिन को दशहरा के रूप में चिह्नित किया गया.

दशहरा क्यों मनाया जाता है। 

 दशहरा उत्सव के दौरान रावण मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले चलाए जाते हैं हालांकि दशहरा नवरात्रि या दुर्गा पूजा के हिस्सा नहीं है फिर भी यह इसके साथ जुड़ा है क्योंकि इसलिए देवी मां दुर्गा की मूर्तियों का पवित्र जल से विसर्जन किया जाता है।

 विजयदशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है इस साल आप सभी को पता होगा कि आज 2 अक्टूबर 2025 को विजयदशमी मनाई जा रही है नवरात्रि के नौ दिन पर्व के बाद यह उत्सव दुर्गा पूजा का दसवां और अंतिम दिन होता है कथाओं के अनुसार यह दिन रावण पर भगवान राम की जीत और महिषासुर पर देवी दुर्गा की विजय के रूप में मनाया जाता है।